मुख्यमंत्री के साथ बजट-पूर्व बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर महासंघ एकीकृत ने रखा पक्ष — चांपावत
मुख्यमंत्री के साथ बजट-पूर्व बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर महासंघ एकीकृत ने रखा पक्ष — चांपावत
राजस्थान सरकार द्वारा बजट-पूर्व आयोजित कर्मचारी संगठनों की बैठक में माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में कर्मचारियों की समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत की ओर से प्रदेश अध्यक्ष श्री केसर सिंह चांपावत ने कर्मचारियों की विभिन्न ज्वलंत मांगों को प्रभावी रूप से रखा।
श्री चांपावत ने अपने प्रेजेंटेशन में कहा कि राज्य कर्मचारियों को वर्तमान में देय तीन एसीपी (9, 18 एवं 27 वर्ष) के स्थान पर 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष की सेवा पर चार एसीपी प्रदान की जाए।
उन्होंने प्रबोधकों की नियुक्ति से पूर्व की सेवा की गणना, वरिष्ठ प्रबोधक हेतु पदोन्नति चैनल खोलने, वेतन विसंगतियाँ दूर करने तथा शहरी क्षेत्रों में स्थानांतरण सुविधा देने की मांग भी रखी।
उन्होंने संविदा एवं निविदा कर्मियों को सेवा नियम 2022 के तहत नियमित करने, पूर्ण पेंशन के लिए अर्हक सेवा 25 वर्ष से घटाकर 20 वर्ष करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण खोलने, महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षकों की बकाया पदोन्नति करते हुए वरिष्ठ सुपरवाइजर पद समाप्त कर अगली पदोन्नति एसीडीपीओ एवं सीडीपीओ पद पर देने की मांग रखी।
इसके साथ ही जलदाय विभाग, लैब टेक्नीशियन, मंत्रालयिक कर्मचारी, वन विभाग, कनिष्ठ सहायक, खेल विभाग के कोच एवं खेल अधिकारी, तथा संस्कृत शिक्षा विभाग के लिए पृथक बजट हेड जारी करने सहित कुल 27 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को सौंपा गया।
महासंघ एकीकृत के प्रदेश महामंत्री श्री जगेश्वर शर्मा ने बताया कि इससे पूर्व भी सरकार द्वारा बजट के लिए मांगे गए सुझावों के तहत महासंघ द्वारा विस्तृत सुझाव पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष द्वारा राज्य की राजस्व वृद्धि से जुड़े व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए थे।
जलदाय विभाग के तकनीकी प्रदेशाध्यक्ष श्री रमेश उपाध्याय ने बताया कि विभाग में शैक्षणिक योग्यता रखने वाले 10वीं पास कर्मचारियों को स्टोर मुंशी पद पर नियुक्त करने तथा जलदाय विभाग में तकनीकी कार्मिकों की भर्ती किए जाने की मांग रखी गई है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री द्वारा बजट-पूर्व कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को सरकार तक प्रभावी रूप से पहुँचाने का अवसर मिल रहा है।
— जगेश्वर शर्मा
प्रदेश महामंत्री
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)
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